इमाम महदी (अ.स.) कहते हैं कि यदि वे कर्बला में मौजूद होते तो अपनी जान कुर्बान कर देते, और अब वे अपनी आँखों से आँसुओं के बदले खून रोते हैं ।
ज़ियारत में कर्बला की उस सुबह का वर्णन है जब इमाम हुसैन के साथी शहीद हो गए थे और वे अकेले रह गए थे।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यहाँ कुछ प्रमुख अंशों का हिंदी अर्थ दिया गया है: अरबी वाक्यांश हिंदी अनुवाद ziyarat e nahiya in hindi
शब्द "नाहिया" का अर्थ है "वह इलाका" या "वह पक्ष"। हालाँकि, इस ज़ियारत के संदर्भ में, "नाहिया" का इशारा उस व्यक्ति की तरफ है जो रोने की हालत में है (नाहा)। यह ज़ियारत असल में इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके 72 साथियों की शहादत के सबसे दर्दनाक पहलुओं का वर्णन करती है।
(भावार्थ)।
भारत, नेपाल और दुनिया भर के हिंदी भाषी क्षेत्रों में रहने वाले लाखों मुसलमान मुहर्रम के दौरान अज़ादारी (शोक सभाओं) का आयोजन करते हैं। बहुत से लोग अरबी भाषा को पढ़ तो लेते हैं, लेकिन उसका गहरा अर्थ नहीं समझ पाते। इसलिए, "Ziyarat e Nahiya in Hindi" की मांग इंटरनेट पर बहुत अधिक रहती है।
इसे पढ़ें, समझें और खुद को इमाम हुसैन (अ.स.) और इमाम-ए-ज़माना (अ.ज.) की नजदीकी महसूस करें। इमाम महदी (अ
जिन्होंने भी इमाम हुसैन (अ०स०) और उनके परिवार पर अत्याचार किए, उन पर अल्लाह की लानत भेजी गई है।
ज़ियारत ए नहिया के दौरान, श्रद्धालु इमाम हुसैन (अस) के मज़ार पर जाते हैं और उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं। यह यात्रा न केवल एक पवित्र यात्रा है, बल्कि यह एक भावनात्मक अनुभव भी है जो श्रद्धालुओं को अपने इमाम के साथ जुड़ने और उनके प्रेम को व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है। ziyarat e nahiya in hindi
ऐसा माना जाता है कि इस ज़ियारत को इमाम महदी (अ.ज.फ.) ने अपने शिष्यों को सिखाया था। इसमें न केवल करबला के घटनाक्रम का ज़िक्र है, बल्कि इमाम हुसैन (अ.स.) के प्रति अत्यधिक प्रेम और उनके दुश्मनों के प्रति घृणा का इज़हार भी है।