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Bihar And Orissa Public Demand Recovery Act 1914 Pdf In Hindi ((free)) [WORKING]

Refers to arrears or money owed to the government or specific local authorities. Section 4 & 6:

जब किसी सरकारी या नामित निकाय को बकाया वसूलना होता है, तो वे सर्टिफिकेट ऑफिसर को लिखित मांग (Requisition) भेजते हैं।

जमीन का लगान या उससे जुड़े सरकारी कर।

3. सर्टिफिकेट वसूली प्रक्रिया (Certificate Recovery Process)

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यह एक्ट एक प्रक्रिया प्रदान करता है, जिसके तहत बिना सामान्य अदालतों में लंबी कार्यवाही किए, सरकारी बकाया वसूला जा सकता है। इस एक्ट के तहत:

यदि देनदार बकाया जमा नहीं करता है, तो सर्टिफिकेट ऑफिसर के पास व्यापक शक्तियां हैं:

जब कोई विभाग या बैंक किसी बकायेदार से पैसा वसूलने में असमर्थ होता है, तो वह संबंधित जिले के के पास एक मांग पत्र भेजता है। यदि सर्टिफिकेट ऑफिसर संतुष्ट होता है कि राशि बकाया है, तो वह धारा 4 या धारा 6 के तहत एक "सर्टिफिकेट" (प्रमाण पत्र) तैयार करता है और उस पर हस्ताक्षर करता है।

2. बकायेदार को नोटिस (Notice to the Debtor) Refers to arrears or money owed to the

1. सर्टिफिकेट दाखिल करना (Filing of Certificate)

भारत के कानूनी इतिहास में, विशेष रूप से पूर्वी भारत में, सरकारी बकायों की वसूली एक महत्वपूर्ण विषय रहा है। , जिसे अक्सर 'पीडीआर एक्ट' (PDR Act) कहा जाता है, सरकारी बकायों (Public Demands) को तेजी से वसूलने के लिए एक विशेष प्रक्रिया निर्धारित करता है। यह कानून बिहार और झारखंड (पूर्ववर्ती बिहार-उड़ीसा) में आज भी प्रासंगिक है।

वह व्यक्ति जिसके विरुद्ध बकाया राशि की वसूली के लिए प्रमाणपत्र दायर किया गया है.

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इस अधिनियम के तहत वसूली की शक्ति सर्टिफिकेट ऑफिसर के पास होती है, जो आमतौर पर समाहर्ता (Collector) या अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) होते हैं।

यदि निर्धारित समय में भुगतान या आपत्ति नहीं की जाती, तो वसूली निम्नलिखित तरीकों से की जा सकती है:

कोर्ट द्वारा वसूली योग्य घोषित अंतरिम मुआवजा।

| | विषय | प्रमुख प्रावधान | | :--- | :--- | :--- | | भाग I | प्रारंभिक (Preliminary) | अधिनियम का शीर्षक, विस्तार, प्रारंभ और परिभाषाएँ (जैसे "सार्वजनिक मांग") | | भाग II | प्रमाणपत्र दाखिल करना और संबंधित प्रक्रियाएँ | वसूली प्रमाणपत्र (Certificate) दाखिल करने का प्रावधान, नोटिस जारी करना और देनदार द्वारा आपत्ति दायर करने की प्रक्रिया | | भाग III | प्रमाणपत्र के विरुद्ध आपत्तियाँ | देनदार द्वारा प्रमाणपत्र (बकाया राशि) की वैधता को चुनौती देने की प्रक्रिया | | भाग IV & V | वसूली के साधन और प्रक्रियाएँ | कुर्की, नीलामी, गिरफ्तारी और सिविल जेल में डालने के प्रावधान | | भाग VI | नियम बनाने की शक्ति | बोर्ड ऑफ रेवेन्यू को इस अधिनियम के तहत नियम बनाने का अधिकार |

चल या अचल संपत्ति को कुर्क (Attach) करना और उसे बेचना (Sale)।

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